केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रकरण सी आई सी/ए टी/ए/2008/001238: सी सितारामैहा बनाम राजस्व विभाग के निर्णय में कहा है कि जब अधिनियम के अंतर्गत आवेदन किया जाता है तो सूचना से मनाही मात्र अधिनियम पर ही आधारित हो सकती है| आयोग अधिनियम की उपज है और सूचना से मनाही के लिए मात्र अधिनियम की धारा 8 या 9 के अंतर्गत स्पष्ट छूट से ही सहमत हो सकता है| यदि नागरिक के पास सूचना तक पहुँच के लिए कई मार्ग हैं तो यह उसका विशषाधिकार है कि वह उनमें से जिसे सुविधाजनक समझे उसका प्रयोग करे| धारा 11 सूचना के प्रकटन से छूट को न्यायोचित ठहराने लिए प्रयुक्त होने वाला प्रावधान नहीं है यदि यह धारा 8(1) द्वारा आवृत नहीं है|
वास्तविक लोकतंत्र की चिंगारी सुलगाने का एक अभियान - (स्थान एवं समय की सीमितता को देखते हुए कानूनी जानकारी संक्षिप्त में दी जा रही है | आवश्यक होने पर पाठकगण दिए गए सन्दर्भ से इंटरनेट से भी विस्तृत जानकारी ले सकते हैं|पाठकों के विशेष अनुरोध पर ईमेल से भी विस्तृत मूल पाठ उपलब्ध करवाया जा सकता है| इस ब्लॉग में प्रकाशित सामग्री का गैर वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए पाठकों द्वारा साभार पुनः प्रकाशन किया जा सकता है| तार्किक असहमति वाली टिप्पणियों का स्वागत है| )
Saturday, 7 January 2012
सूचना तक पहुँच के लिए कई मार्ग हैं तो यह उसका विशषाधिकार है कि वह उनमें से जिसे सुविधाजनक समझे उसका प्रयोग करे
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