सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील संख्या ३५४१/२००२ मार्टिन डे सुजा बनाम मोहमद इशफाक के निर्णय में कहा है कि हम पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हैं जेकोब मैथ्यू के मामले में निर्धारित मानदंड स्पष्टतया पूरे किये बिना वे डाक्टरों को गिरफ्तार अथवा परेशान नहीं करें अन्यथा पुलिस को कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा| जहां तक प्रतिवादी की श्रवण शक्ति खोने का प्रश्न है यह ध्यान देने योग्य है कि कोई भी एंटीबायोटिक दवा साइड प्रभाव के बिना नहीं है| यह स्मरणीय है कि कई बार सर्वोत्तम उपाय के बावजूद डाक्टर इलाज करने में असफल रहता है | उदाहरणार्थ कई बार शल्य चिकित्सक के बेहतर प्रयास के उपरान्त भी रोगी मर जाता है| इसका यह अभिप्राय नहीं है कि यदि इस बात के लिए सशक्त प्रमाण न हो तो भी डाक्टर को चिकित्सकीय लापरवाही के लिए जिम्मेवार ठहराया जाना चाहिए |
वास्तविक लोकतंत्र की चिंगारी सुलगाने का एक अभियान - (स्थान एवं समय की सीमितता को देखते हुए कानूनी जानकारी संक्षिप्त में दी जा रही है | आवश्यक होने पर पाठकगण दिए गए सन्दर्भ से इंटरनेट से भी विस्तृत जानकारी ले सकते हैं|पाठकों के विशेष अनुरोध पर ईमेल से भी विस्तृत मूल पाठ उपलब्ध करवाया जा सकता है| इस ब्लॉग में प्रकाशित सामग्री का गैर वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए पाठकों द्वारा साभार पुनः प्रकाशन किया जा सकता है| तार्किक असहमति वाली टिप्पणियों का स्वागत है| )
Wednesday, 29 February 2012
सशक्त प्रमाण न हो तो डाक्टर को चिकित्सकीय लापरवाही के लिए जिम्मेवार नहीं ठहराया जाना चाहिए
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